रांची: रांची नगर निगम ने शहर के बड़े कर बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज अपर प्रशासक संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में साफ कहा गया कि अब राजस्व वसूली में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
अपर प्रशासक ने निर्देश दिया कि निगम की वित्तीय मजबूती और बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए कर वसूली सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि अगर बकायेदारों ने जल्द भुगतान नहीं किया तो उनके बैंक खाते फ्रीज किये जायेंगे और बॉडी वारंट जारी कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में किए गये बड़े फैसले
झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 184 के तहत बड़े बकाएदारों पर कठोर कार्रवाई होगी। बार-बार नोटिस के बाद भी भुगतान न करने वालों को 48 घंटे के भीतर अंतिम नोटिस दिया जायेगा। बीआईटी लालपुर, कुमार गर्ल्स हॉस्टल, मदन सेन, अंबिका एंड कंपनी, त्रिवेणी राम, निशा शर्मा, शांति देवी, सोनामति देवी, डीएसए प्रोजेक्ट राजेश कुमार वाल्मीकि समेत अन्य बकाएदारों को विशेष नोटिस भेजकर उनके खाते फ्रीज करने की तैयारी।
निगम की सेवाएं जैसे जलापूर्ति, कूड़ा उठाव, प्रकाश व्यवस्था बकाया राशि जमा होने तक बंद कर दी जायेगी। सभी कर संग्रहकर्ताओं को एक सप्ताह के भीतर अपना लक्ष्य पूरा करना होगा। वसूली प्रक्रिया में ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जाएगी, प्रतिदिन की वसूली रिपोर्ट अपर प्रशासक को सौंपी जाएगी।
मंगलवार तक दिया गया पक्ष रखने का आखिरी मौका
अपर प्रशासक ने कहा कि अगर कोई बकाएदार अपना पक्ष रखना चाहता है तो वह आगामी मंगलवार तक निगम न्यायालय में वैधानिक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकता है। इसके बाद भी भुगतान न करने पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने साफ कहा कि यह औपचारिकता नहीं है, बल्कि विशेष राजस्व वसूली अभियान है। इसे मिशन मोड में चलाया जाएगा। निगम की आर्थिक मजबूती से ही रांचीवासियों को बेहतर सफाई, रोशनी, पेयजल और अन्य सुविधाएं मिल पाएंगी। बैठक में सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक, कर संग्रहणकर्ता, रेवेन्यू इंस्पेक्टर समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।






























