झारखंड: झारखंड में संचालित मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों के लिए बड़ा अपडेट आ रहा है। चमरा लिंडा, जो राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हैं, जिन्होंने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बताया कि योजना की किस्त जारी करने में हो रही देरी का कारण लाभुकों के नामों का सत्यापन और छंटनी है।
मंत्री ने कहा कि फिलहाल लाभुकों की सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है, जिन महिलाओं को अब तक योजना का लाभ मिल रहा है। उनमें से कुछ वास्तव में पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करतीं। ऐसे मामलों की पहचान कर अपात्र नामों को सूची से हटाया जाएगा। साथ ही, पात्र महिलाओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी चल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की 18वीं किस्त होली से पहले जारी कर दी जाएगी। जिन लाभुकों को 17वीं और 18वीं किस्त का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। उनके खाते में दोनों किस्तों की राशि एकमुश्त। यानी, 5 हजार रुपये, हस्तांतरित की जाएगी।
इन श्रेणियों की महिलाओं का कटेगा नाम
- 18 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं।
- गलत जानकारी या जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाली आवेदिकाएं।
- आर्थिक रूप से सक्षम महिलाएं या सरकारी।
- नौकरी/पेंशन प्राप्त करने वाली।
- जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है – जिनके परिवार में केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के लगभग 12 जिलों में सत्यापन कार्य पहले चरण में पूरा होने की संभावना है। इनमें रांची, धनबाद, देवघर, बोकारो, गुमला, लोहरदगा, जमशेदपुर, जामताड़ा, सिमडेगा, चतरा, पाकुड़ और गढ़वा शामिल हैं। इन जिलों में भुगतान पहले जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अन्य जिलों में भी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही दूसरी चरण में राशि जारी की जाएगी।






























