जीएसटी: मोदी सरकार के जीएसटी सुधारों को लेकर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आपकी (मोदी) सरकार ने कांग्रेस के सरल और कुशल GST के बजाय, अलग-अलग 9 स्लैब से वसूली कर गब्बर सिंह टैक्स लगाया और 8 साल में 55 लाख करोड़ से ज़्यादा वसूले।
खड़गे ने कहा, अब आप 2.5 लाख करोड़ के बचत उत्सव की बात कर के जनता को गहरे घाव देने के बाद मामूली बैंड ऐड लगाने की बात कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि जनता इसे कभी नहीं भूलेगी कि आपने उनके दाल-चावल-अनाज, पेंसिल, किताबें, इलाज, किसानों के ट्रैक्टर सबसे GST वसूला था। आपकी सरकार को तो जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए।
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी (GST) सुधारों को बचत उत्सव और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम करार दिया था। इस पर विपक्ष ने उन पर हल्ला बोला। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर जीएसटी परिषद (GST Council) के फैसलों का स्वामित्व अकेले लेने का आरोप लगाया। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी 2017 से ही GST 2.0 की मांग कर रही थी।
खड़गे के पोस्ट पर पार्टी सांसद जयराम रमेश ने कहा, मुनाफाखोरी के खिलाफ,धारा 171, जो 2017 के केंद्रीय जीएसटी अधिनियम में पारित की गयी थी, राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण का प्रावधान करती है। इसे समाप्त कर दिया गया और घोषित किया गया कि अब इसकी कोई भूमिका नहीं होगी।
रमेश ने कहा, अब आप (केंद्र सरकार) जीएसटी के अधीन सभी लोगों से कह रहे हैं कि दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए, जो अच्छी बात है, उन्हें पहुंचना चाहिए, कीमतें कम होनी चाहिए, लेकिन क्या यह पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा, क्या मुनाफाखोरी समाप्त हो जायेगी? जयराम रमेश ने कहा, ये एक सीमित सुधार है, पूर्ण सुधार नहीं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री जीएसटी 2.0 की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन यह जीएसटी 1.5 है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश द्वारा जीएसटी सुधारों पर उठाये गये सवालों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, हमने कभी नहीं कहा कि हमने सब कुछ किया। किसी ने कहा कि जीएसटी परिषद ने सब कुछ किया। हमने कब कहा कि जीएसटी परिषद ने नहीं किया?
जीएसटी परिषद का ढांचा ऐसा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री भी इसका हिस्सा हैं। उन्हें रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। हमने उन्हें(विपक्ष) प्रस्ताव दिया था। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, मैं उन लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता जो अपने नेता को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वह उन लोगों की खुशी नहीं देख सकते जिन्हें सुधारों से लाभ होगा, सिर्फ़ इसलिए कि उनके नेता इसे स्वीकार नहीं कर सकते। उनके साथी पाकिस्तान में घर जैसा महसूस करते हैं। उनका इशारा कांग्रेस की ओर था।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा, उनसे पूछना चाहिए कि अगर किसी देश के साथ टैरिफ पर बातचीत नहीं चल रही होती, तो क्या जीएसटी की दरें कम नहीं होनी चाहिए थीं?आत्मनिर्भरता का हमारा आह्वान नया नहीं है। गर्व से कहो स्वदेशी है…का यह नारा नया नहीं है। हम इसे जीएसटी सुधारों के साथ बढ़ावा दे रहे हैं। प्रतिक्रिया असाधारण रही है। उन्हें(कांग्रेस) और उनकी कंसल्टिंग कंपनी को अपने नेता के लिए नये मुद्दे लाने चाहिए, क्योंकि पुराने मुद्दे उलटे पड़ गये हैं। श्री पुरी ने कहा, नवरात्रि के अलावा बजट उत्सव भी शुरू हो गया है। जहां देखो वहां लोगों में खुशी और जश्न की लहर है। 390 वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम की गयी हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा। लेकिन हम किसी और चीज़ का जश्न मना रहे हैं। समाज के सभी वर्गों ने इसका स्वागत किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं देश के सभी लोगों, खासकर महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री का हृदय से धन्यवाद करता हूं। आज से नवरात्रि और दुर्गा पूजा शुरू हो गयी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने फैसला लिया था कि सभी महिलाओं को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन आसानी से उपलब्ध होना चाहिए।
पीएम मोदी का आज का फैसला था कि महिलाओं को 25 लाख अतिरिक्त उज्ज्वला कनेक्शन दिए जायेंगे। त्योहारों के दौरान हमारी और भी बहनें उज्ज्वला कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगी। मैं इसके लिए सभी को बधाई देता हूं। यह आज से लागू होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेन-जेड के लिए उनका आह्वान भी उल्टा पड़ गया, जब एबीवीपी ने डूसू चुनाव जीत लिया। एनएसयूआई का सफाया हो गया।





























