भारत: कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाया है जिसमें उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की एक विधानसभा सीट पर आयोग ने धोखाधड़ी की अनुमति दी है। इसी के साथ उन्होंने यह भी स्पष्ट दावत किया कि कांग्रेस के पास इसके 100% ठोस सबूत है और उन्होंने चुनाव आयोग को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि “आप इससे बच नहीं पाएंगे क्योंकि हम आपका पीछा नहीं छोड़ने वाले हैं”। उनका यह आरोप है कि निर्वाचन आयोग अपने दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहा और अब वह स्वतंत्र संस्था की तरह कार्य भी नहीं कर रहा।
निर्वाचन आयोग ने दिया जवाब
राहुल गांधी के इस बयान पर चुनाव आयोग में सख्त प्रक्रिया जारी किया जिसमें आयोग ने यह कहा कि राहुल ने न केवल बुनियाद आरोप लगाए हैं बल्कि एक संवैधानिक संस्था को धमकाने की कोशिश किए हैं और आयोग के अनुसार कर्नाटक चुनाव से जुड़ा मामला यदि किसी को संदिग्ध लगता है तो उसके समाधान का वैधानिक रास्ता जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 80 में यह बता दिया गया है कि जिसके तहत चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।
इसी के साथ चुनाव आयोग ने अपने जवाब में यह भी कहा कि कोर्ट का रास्ता अपनाने की बजाय राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंच से गलत आरोप लगाए जिससे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को काफी ठेस पहुंचती है और यह बिल्कुल गलत बात है।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच इस टकराव ने राजनीतिक हल्का में हलचल मचा दिया है जिसे अब देखना है कि क्या कांग्रेस कानूनी कार्रवाई की और बढ़ती है या विवाद राजनीतिक बयान बाजी से ही होगा।





























