भारत: ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा किए गए भारत बैंड का व्यापक असर देखा गया। श्रम कानून में बदलाव, निजीकरण,किसान विरोधी नीतियों, और बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए।
भारत बंद होने का मुख्य कारण था श्रम कानून में एवं निजीकरण की नीतियों में बदलाव होना था, किसान विरोधी नीतियों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ या प्रदर्शन पेश की गई।
इस कार्यक्रम में 25 करोड़ से अधिक श्रमिक और कर्मचारी शामिल हुए और कई राज्यों से जमजीवन प्रभावित हुआ जिसमें बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और उड़ीसा प्रमुख है।
बिहार में इंडिया गठबंधन ने चक्का जाम का ऐलान किया जिस सड़क यातायात काफी प्रभावित हुआ। बंद के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शन और रैलियां भी आयोजित की गई।
जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस बंदी को लेकर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है और प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किया ताकि इसकी स्थिति से निपटा जा सके।































