झारखंड हाईकोर्ट ने 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में धर्मेंद्र चड्ढा को अग्रिम जमानत दे दी है। चड्ढा की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह इस घोटाले में नामजद अभियुक्त नहीं थे, बल्कि सीबीआई ने उनकी मां की मौत के बाद मनमाने तरीके से उन्हें आरोपी बना दिया।
*घोटाले की पृष्ठभूमि*
धर्मेंद्र चड्ढा के स्वामित्व वाली कंपनी चड्ढा स्पोर्ट्स को साल 2008 में टेंडर में एल 2 होने के बाद भी स्पोर्ट्स के सामान की आपूर्ति का टेंडर मिला था। इस मामले में सीबीआई ने जांच के बाद आरोप पत्र समर्पित कर दिया है।
*कोर्ट का फैसला*
न्यायालय ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही ट्रायल में असहयोग करने की स्थिति में सरकार को उचित कार्रवाई करने की आजादी दी है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के सभी नामजद अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है।
*अग्रिम जमानत के मायने*
अग्रिम जमानत मिलने से धर्मेंद्र चड्ढा को बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे चलकर इस मामले में क्या कुछ होता है। फिलहाल, चड्ढा को राहत मिली है, लेकिन उनके लिए अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं ।






























