झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल के खिलाफ दायर याचिका वापस ले ली है। यह याचिका ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के आरोपों के मद्देनजर चुनाव आयोग के फैसले की जानकारी नहीं देने के मामले में दायर की गई थी।
*क्या था मामला?*
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित भाजपा के अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम आवंटित माइनिंग लीज को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे में मानते हुए उनकी सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया था। राज्यपाल ने भाजपा की शिकायत को निर्णय के लिए चुनाव आयोग को भेज दिया था।
*चुनाव आयोग की राय*
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार, भाजपा और हेमंत सोरेन का पक्ष सुनने के बाद अपनी राय राज्यपाल को भेजी। लेकिन राज्यपाल के स्तर से इस पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
*याचिका वापस लेने का कारण*
याचिका वापस लेने के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और अब वह इस मुद्दे पर आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं।
*न्यायालय का फैसला*
न्यायाधीश दीपक रौशन की पीठ ने याचिकादाता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।





























