रांची रिंग रोड पर होटलों और रेस्टोरेंट में शराब की बिक्री एक आम बात हो गई है। यहां के अधिकांश होटलों और रेस्टोरेंट में बार लाइसेंस नहीं होने के बावजूद शराब पीने की अनुमति है। ग्राहक अपनी बोतल लेकर जा सकते हैं और उसे होटल में पी सकते हैं, इसके लिए उन्हें प्रति बोतल 200 से 400 रुपये तक की फीस देनी पड़ती है।
*कैसे हो रही है शराब की बिक्री?*
होटलों और रेस्टोरेंट में शराब की बिक्री बिना किसी सरकारी अनुमति के हो रही है। होटल मालिक ग्राहकों से फीस लेकर उन्हें शराब पीने की सुविधा दे रहे हैं, जो कि गैरकानूनी है। इसके बावजूद उत्पाद विभाग और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
*जीएसटी विभाग भी सोया हुआ*
अधिकांश होटलों और रेस्टोरेंट में बिना जीएसटी के ही कस्टमर से बिल लिया जाता है। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है और होटल मालिकों को फायदा हो रहा है।
*क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?*
इसका कारण यह है कि उत्पाद विभाग और पुलिस होटलों और रेस्टोरेंट पर छापेमारी नहीं कर रहे हैं। इससे होटल मालिकों को संरक्षण मिल रहा है और वे खुलेआम शराब की बिक्री कर रहे हैं।

*क्या है समाधान?*
सरकार को चाहिए कि वह उत्पाद विभाग और पुलिस को होटलों और रेस्टोरेंट पर छापेमारी करने का निर्देश दे। इसके अलावा जीएसटी विभाग को भी होटलों और रेस्टोरेंट की जांच करनी चाहिए और उनसे राजस्व वसूलना चाहिए। इससे सरकार को राजस्व मिलेगा और होटलों और रेस्टोरेंट में शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी।





























