झारखंड पुलिस का बड़ा एक्शन, नक्सली, साइबर ठग और ड्रग्स माफिया पर पुलिस का शिकंजा

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झारखंड: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जनवरी से जुलाई 2026 तक राज्य में अपराध, नक्सलवाद, साइबर क्राइम, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों में नक्सल अभियान से लेकर साइबर अपराध पर कार्रवाई, अपराधियों की गिरफ्तारी, हथियार और मादक पदार्थों की बरामदगी समेत पुलिस आधुनिकीकरण और कल्याण से जुड़ी उपलब्धियों का ब्योरा दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक राज्य में 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 49 माओवादी, 30 पीएलएफआई, 23 टीएसपीसी, 10 जेजेएमपी और एक एसजेएमएम का सदस्य शामिल है। इसी अवधि में 50 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जबकि मुठभेड़ में 22 माओवादी मारे गए। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 111 हथियार और 9904 कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस मुख्यालय के रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक जनवरी से जून तक साइबर अपराध से जुड़े 658 मामले दर्ज हुए और 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान, 651 मोबाइल फोन, 679 सिम कार्ड, 74 एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किए गए।

प्रतिबिंब ऐप के जरिए जनवरी से जुलाई तक 121 मामलों में 336 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने 545 मोबाइल और 655 सिम कार्ड बरामद किए।

एनसीआरपी के तहत डायल-1930 पर जनवरी से जुलाई तक 77,503 शिकायतें मिलीं। पुलिस के अनुसार 150 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज कराए गए, जबकि 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इस दौरान, 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए।

संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में जनवरी से जुलाई तक 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गई. 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई।

मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में जनवरी से जून तक 435 मामले दर्ज हुए और 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान, 3461 किलो गांजा, 151 किलो अफीम, 3.6 किलो ब्राउन शुगर और 10,218 किलो डोडा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने 4620 एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट करने का भी दावा किया है।

सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से जनवरी से जुलाई तक 4053 मोबाइल फोन बरामद किए गए और उन्हें उनके वास्तविक धारकों को सौंपा गया। इसी अवधि में विशेष प्रतिवेदित 14,083 मामले दर्ज हुए, जबकि 15,286 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस ने 482 हथियार और 8663 गोलियां बरामद करने की जानकारी दी है।

रिपोर्ट कार्ड में पुलिस आधुनिकीकरण को भी प्रमुख उपलब्धि बताया गया है। 2025-26 में राज्य के 12 जिलों में ज्वाइंट पुलिस स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, पांच जिलों में सीआई और एसडीपीओ कार्यालय सह आवास का निर्माण जारी है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मार्च 2026 में झारखंड पुलिस को 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा, 627 चारपहिया और 848 दोपहिया वाहनों की खरीद के आदेश भी जारी किए गए हैं।

पुलिस कल्याण के तहत विभिन्न कोषों से पुलिसकर्मियों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दी गई है। 237 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई, जबकि 37 वीरता पदक प्राप्त पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया।

पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट कार्ड के जरिए दावा किया है कि अपराध और उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है। राज्य पुलिस ने अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध पर रोकथाम और आम लोगों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है।

 

 

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