झारखंड: JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार की कमेटी के बीच शनिवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में चल रही वार्ता खत्म हो गयी है। वार्ता में छात्रों की विभिन्न मांगों और परीक्षा से जुड़े विवादों पर चर्चा की जा रही है। इससे पहले सरकार के प्रतिनिधि ने शुक्रवार की रात भी दूसरे गुट के छात्रों के साथ वार्ता की थी।
वार्ता खत्म होने के बाद बाहर निकले मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि NSUI, ACS और JCM छात्र संगठन के प्रतिनिधि मौजूद और भी बाकी छात्रों के साथ बैठक होगी और राय लिया जायेगा। jpsc.jssc.feedback@gmail.com सरकार द्वारा मेल id जारी किया गया है, जिसपर stakeholder, छात्र और अन्य कोई भी अपनी फीडबैक भेज सकते हैं।
छात्रों ने बताया कि अपनी बात को सरकार के समक्ष रख दी गयी है, लेकिन, फिल्हाल, जारी रहेगा आंदोलन। वार्ता में छात्रों की बात सुनी गयी उनकी मांगों को सुना गया है और उसपर विस्तार से चर्चा की जायेगी। आगामी दिनों में और भी बैठक होगी। फिलहाल, आंदोलन जारी है, अंशन भी जारी रहेगा।
बैठक से पहले आंदोलनरत छात्रों की ओर से स्पष्ट किया गया था कि बातचीत में किसी राजनीतिक दल के झंडे या पहचान चिह्न का इस्तेमाल नहीं किया जाए। छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन छात्र हितों से जुड़ा है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, बैठक स्थल पर कांग्रेस का झंडा नजर आने और युवा कांग्रेस और NSUI नेताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल है।
इससे पहले मौके पर मौजूद रांची महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों से बातचीत की पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने उन छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है, जिन्होंने लंबे समय से NEET, JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को उठाया है।
जब, उनसे पूछा गया कि JPSC और JSSC के मुद्दों को ABVP, BJYM और AJSU समेत अन्य संगठन भी उठाते रहे हैं, तो गौरव सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को लेकर कई आरोप लगाए और कहा कि यह लड़ाई किसी संगठन के क्रेडिट की नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार की है।
गौरव सिंह ने JPSC की पुरानी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि JPSC की पहली और दूसरी परीक्षा के दौरान पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।
उन्होंने NEET विवाद का भी जिक्र किया और भाजपा व ABVP पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उनका दावा था कि NEET से जुड़े विवाद के दौरान, लंबे समय तक छात्रों का आंदोलन चला, लेकिन भाजपा के नेता उस समय छात्रों के समर्थन में सड़क या जंतर-मंतर पर नजर नहीं आए।
युवा कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को श्रेय दिलाना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की पहल के बाद छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार के मंत्रियों से बातचीत कर रहा है। फिलहाल स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की कमेटी और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता जारी है। बैठक में JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों पर क्या निर्णय सामने आता है, इसपर छात्रों और राज्य के युवाओं की नजर बनी हुई है।

































