दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। अब इस मामले पर यूट्यूबर एल्विश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ हुई हिंसा को गलत बताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए था, न कि उनके साथ मारपीट की जानी चाहिए थी।
हाल ही में, एल्विश यादव ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर लिखा- मैं न तो बीजेपी का समर्थक हूं और न ही कांग्रेस का। लेकिन, छात्रों के साथ जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है, जो छात्र अपनी जायज समस्याओं को लेकर सामने आए, उनके साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए थी। उनकी बातों को सुना जाना चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस ने क्या कहा??
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने हटने से इनकार कर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर पथराव करने, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
एल्विश यादव की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, पहले यह साबित करो कि वहां एक भी NEET का छात्र मौजूद था।
एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, क्या वहां मौजूद सभी लोग छात्र थे? विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन, यह भी देखना होगा कि प्रदर्शन में शामिल लोग कौन थे और इसके पीछे कौन है। वहीं, कुछ यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यदि कोई संसद की सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। एक ओर कुछ लोग छात्रों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई को उचित ठहराने वाले भी सामने आए हैं।
































