रांची: राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में पड़ रही तेज गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं, बिजली विभाग के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर पावर सब-स्टेशनों के तकनीकी उपकरणों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
रांची के प्रमुख हरमू पावर सब-स्टेशन में पिछले तीन दिनों से बोरिंग फेल होने के कारण अर्थिंग सिस्टम प्रभावित हुआ है। इससे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। स्थिति को संभालने के लिए फिलहाल बाहर से पानी लाकर अर्थिंग को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
राज्य में डीवीसी कमांड एरिया को छोड़कर लगभग 2200 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई है। जबकि, आपूर्ति करीब 1900 से 2000 मेगावाट के बीच है। इस कारण लगभग 300 मेगावाट की कमी बनी हुई है। रांची में दिन के समय करीब 500 मेगावाट और पीक ऑवर में 550 मेगावाट तक मांग पहुंच रही है।
पीक समय यानी शाम 7 बजे से रात 11 बजे के बीच बिजली आपूर्ति बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इसी को देखते हुए बिजली वितरण कंपनी JBVNL ने सभी फील्ड अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें अपने-अपने सब-स्टेशन क्षेत्र में तैनात रहने का निर्देश दिया है।
खूंटी और लोहरदगा जैसे जिलों में लगातार तीन दिनों से बिजली कटौती की जा रही है। राज्यभर के प्रेषण केंद्र के अनुसार, मंगलवार को करीब 200 मेगावाट की कमी दर्ज की गई थी।


































