नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर संसद में बड़ा अपडेट दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जो डीए और डीआर की किश्तें रोकी गई थीं, उन्हें लेकर फिलहाल बकाया राशि का भुगतान करने की कोई योजना नहीं है।

गौरतलब है कि अप्रैल 2020 में कोरोना संकट के कारण केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता व महंगाई राहत की आगामी तीन किश्तों को रोक दिया था। यह फैसला महामारी से पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों और राजकोषीय दबाव को देखते हुए लिया गया था। हालांकि जुलाई 2021 से डीए और डीआर की अद्यतन दरों का भुगतान फिर से शुरू कर दिया गया, लेकिन रोकी गई अवधि का बकाया अब तक नहीं दिया गया है।
वित्त राज्य मंत्री ने संसद में जानकारी दी कि सरकार ने उस समय लगभग ₹37,000 करोड़ की बचत की थी, जिसे कोविड-19 राहत कार्यों और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि डीए और डीआर का संशोधन हर छह महीने में महंगाई दर के आधार पर किया जाता है, और इस साल भी जनवरी और जुलाई की किश्तें समय पर दी जा रही हैं।
इस अपडेट के बाद केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उम्मीद और निराशा का मिश्रित माहौल है। एक ओर जहां लोगों को 8वें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार है, वहीं दूसरी ओर कोविड-काल में रोकी गई राशि की वापसी की संभावना कम होती दिख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में आर्थिक स्थिति और राजस्व संग्रह में सुधार होता है, तो सरकार इस पर पुनर्विचार कर सकती है। लेकिन फिलहाल, कर्मचारियों को डीए और डीआर में नियमित बढ़ोतरी से ही राहत मिल रही है।
























