झारखंड बंद के दूसरे दिन राज्य सरकार द्वारा सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन किए जाने पर आदिवासी समुदाय में तीव्र आक्रोश देखा गया। आदिवासी नेताओं और संगठनों ने इसे आदिवासी अस्मिता और सरना संस्कृति पर सीधा हमला बताया है।
*आदिवासी नेताओं का विरोध*
पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि 5 जून को आदिवासी समाज ‘काला दिवस’ के रूप में मनाएगा, क्योंकि उद्घाटन के दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन को लेकर सरना धर्मावलंबियों को सिरमटोली सरना स्थल पर प्रार्थना करने से रोका गया। देवकुमार धान ने कहा कि फ्लाईओवर का उद्घाटन गुपचुप तरीके से कर आदिवासी समुदाय के अधिकारों और उनके आंदोलन को दरकिनार करने का प्रयास किया गया है।
*आंदोलन की चेतावनी*
आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सरना स्थल के सामने बना रैम्प नहीं हटाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि अगर सरकार अब भी आदिवासी समाज की बात नहीं सुनेगी, तो उसे सत्ता से हटाने की ताकत आदिवासी समाज रखता है।
*सरना समिति का बयान*
केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सिरमटोली जैसे संवेदनशील स्थल पर फ्लाईओवर का निर्माण और उद्घाटन बिना व्यापक समीक्षा और संवाद के किया जाना, आदिवासी समाज का अपमान है।






























