शशि थरूर को लेकर विवाद: कांग्रेस ने नाम दिए जाने से किया इनकार

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    संसदीय कार्य मामलों के मंत्रालय ने हाल ही में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारत के प्रमुख साझेदार देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों का दौरा करना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद चरमपंथ को लेकर भारत का रुख स्पष्ट करना है। लेकिन इस घोषणा के बाद विवाद पैदा हो गया है, जब कांग्रेस ने कहा है कि उसने शशि थरूर का नाम मंत्रालय को दिया ही नहीं था।

     

     

     

    *कांग्रेस का बयान*

     

    कांग्रेस ने कहा है कि उसने शशि थरूर का नाम प्रतिनिधिमंडल के लिए नहीं दिया था, लेकिन मंत्रालय ने उन्हें एक प्रतिनिधिमंडल का अध्यक्ष बना दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगेगी।

     

     

     

    *शशि थरूर की भूमिका*

     

    शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं और वह एक अनुभवी राजनेता हैं। उन्हें प्रतिनिधिमंडल का अध्यक्ष बनाए जाने से यह उम्मीद की जा रही थी कि वह चरमपंथ के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

     

     

     

    *सरकार का रुख*

     

    सरकार ने कहा है कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य चरमपंथ के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करना है और इसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी दलों के साथ मिलकर काम करेगी।

     

     

     

     

    *आगे क्या होगा?*

     

    अब देखना यह है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाती है और शशि थरूर की भूमिका क्या होगी। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कैसे आगे बढ़ती है और चरमपंथ के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करने में कैसे सफल होती है।

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