जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बीच तुलबुल बैराज को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। उमर अब्दुल्लाह ने गुरुवार को वुलार झील का एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि सिंधु जल समझौते के तहत इस बैराज का काम अधूरा छोड़ दिया गया था, जिसे अब पूरा कर लिया जाना चाहिए।
*महबूबा मुफ्ती का विरोध*
महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्लाह के बयान का विरोध करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक रूप से उकसावे वाला बताया। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्लाह को इस तरह के बयान देने से पहले इसके परिणामों के बारे में सोचना चाहिए।
*सिंधु जल समझौता*
तुलबुल बैराज का मुद्दा सिंधु जल समझौते से जुड़ा हुआ है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता है। इस समझौते के तहत भारत को सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी का उपयोग करने की अनुमति है, लेकिन पाकिस्तान को भी अपने हिस्से का पानी मिलना चाहिए।
*भारत-पाकिस्तान के रिश्ते*
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते इस समय अपने न्यूनतम स्तर पर हैं। पहलगाम में चरमपंथी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। सीजफायर की घोषणा के बाद भी भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित रखा है।
*आगे क्या होगा?*
अब देखना यह है कि उमर अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ्ती के बयानबाजी का क्या परिणाम होगा। क्या तुलबुल बैराज का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को और खराब करेगा या फिर इस मुद्दे पर दोनों देश कोई समाधान निकाल पाएंगे।

























