नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने देशवासियों को आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दिलाया और किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए साफ कहा कि सरकार किसान विरोधी किसी भी नीति को स्वीकार नहीं करेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ताकत उसके मेहनती नागरिक और परिश्रमी किसान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाकर भारत न सिर्फ अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी एक मजबूत पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने विदेशी शक्तियों को भी संदेश देते हुए कहा कि भारत के विकास पथ को कोई नहीं रोक सकता।
किसानों के समर्थन में पीएम मोदी ने कहा, “हम किसानों के साथ मरते दम तक खड़े रहेंगे। उनके हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने किसानों को भारत की रीढ़ बताते हुए उनके आधुनिक खेती के लिए जरूरी संसाधन और तकनीक उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार पर जोर देंगे।
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। चाहे वैश्विक चुनौतियां हों या आंतरिक कठिनाइयां, देश अपने दम पर उनका सामना करेगा और विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
























