झारखंड सरकार की प्रशासी पदवर्ग समिति ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुल 7432 पदों के सृजन की अनुशंसा की है। इसमें 3256 शिक्षकों के पद और 4176 गैर शैक्षणिक कर्मियों और पदाधिकारियों के पद शामिल हैं।
*विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधार*
इन पदों के सृजन से विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी। इससे झारखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकेंगे।
*विश्वविद्यालयों के अनुसार पदों की अनुशंसा*
1. *विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी*: 699 पद (शिक्षक: 299, गैर शैक्षणिक: 400)
2. *बिनोबा भावे यूनिवर्सिटी*: 730 पद (शिक्षक: 349, गैर शैक्षणिक: 381)
3. *कोल्हान यूनिवर्सिटी*: 1121 पद (शिक्षक: 497, गैर शैक्षणिक: 624)
4. *सर जेसी बोस यूनिवर्सिटी, गिरिडीह*: 711 पद (शिक्षक: 352, गैर शैक्षणिक: 359)
5. *पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय यूनिवर्सिटी*: 55 पद (गैर शैक्षणिक: 55)
6. *डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी*: 168 पद (शिक्षक: 77, गैर शैक्षणिक: 91)
7. *जमशेदपुर महिला यूनिवर्सिटी*: 145 पद (शिक्षक: 66, गैर शैक्षणिक: 79)
8. *झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी*: 139 पद (शिक्षक: 54, गैर शैक्षणिक: 85)
9. *रांची यूनिवर्सिटी*: 1698 पद (शिक्षक: 641, गैर शैक्षणिक: 1057)
10. *नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी*: 766 पद (शिक्षक: 341, गैर शैक्षणिक: 425)
11. *सिद्धो-कान्हो यूनिवर्सिटी*: 1200 पद (शिक्षक: 580, गैर शैक्षणिक: 620)
इन पदों के सृजन से झारखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकेंगे। इससे राज्य के युवाओं के भविष्य में सुधार होगा और झारखंड की शिक्षा प्रणाली में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।





























