झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका युनियन ने झारखंड सरकार के महिला, बाल कल्याण और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय में संयुक्त ट्रेड युनियनो द्वारा चार लेबर कोड वापस लेने और अन्य 17 सूत्री मांगों को लेकर आयोजित होने वाली देशव्यापी हड़ताल का नोटिस दिया है। यह हड़ताल 20 मई को आयोजित की जाएगी।
*चार लेबर कोड वापस लेने की मांग*
युनियन की राज्य अध्यक्ष मीरा देवी और महासचिव सावित्री सोरेन ने बताया कि श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड निरस्त करने और आंगनबाड़ी कर्मियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी और पेंशन का भुगतान तथा उन्हें भविष्य निधि के दायरे में लाने की मांग की जा रही है।
*आंगनबाड़ी कर्मियों की विभिन्न मांगें*
युनियन ने अपनी 17 सूत्री मांगों में आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन, नियमितीकरण, और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग शामिल की है। इसके अलावा, उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए सम्मानजनक जीवन और कामकाजी परिस्थितियों की भी मांग की है।
*हड़ताल नोटिस देने के दौरान मौजूद रहे पदाधिकारी*
महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव को हड़ताल नोटिस देने गए शिष्टमंडल में युनियन की राज्य अध्यक्ष मीरा देवी, महासचिव सावित्री सोरेन समेत प्रीति हांसदा, मीनू मुर्मू, अभिगेल हेम्ब्रम, प्रिया, प्रमिला मुर्मू, संतोषी और लखन मंडल शामिल थे।
*आंगनबाड़ी कर्मियों का समर्थन*
सीटू और आल इंडिया फेडरेशन आफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर से संबंद्ध झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका – सहायिका यूनियन ने हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई है और हड़ताल को सफल बनाने के लिए तैयार हैं।
*सरकार से वार्ता की अपील*
युनियन ने सरकार से वार्ता करने और उनकी मांगों को मानने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो आंगनबाड़ी कर्मी मजबूरन हड़ताल पर जाएंगे।
































