कोविड की नई लहर का खतरा या सिर्फ एक अलर्ट? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने खोले राज

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भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, लेकिन ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमण गंगाखेडकर के अनुसार घबराने की जरूरत नहीं है।

 

 

 

डॉ. गंगाखेडकर ने बताया कि भारत में इस वक्त कोविड के 257 एक्टिव मामले हैं, जो हल्के हैं और इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर समेत कई एशियाई देशों में कोविड के बढ़ते मामलों से भारत के लिए कोई नया खतरा नहीं है।

 

 

 

ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने कहा कि भारत में पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स द्वारा विकसित ओमिक्रॉन-लक्षित एक mRNA आधारित वैक्सीन GEMCOVAC-19 उपलब्ध है, जो देश में अपनी तरह की पहली वैक्सीन है। इससे इन वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।

 

 

डॉ. गंगाखेडकर ने बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को सलाह दी कि वे कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करें। हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक वायरस के मौजूदा वेरिएंट्स से कोई खतरा नहीं दिखता, तब तक बूस्टर डोज की सिफारिश नहीं की जाती है।

 

 

 

भारत पहले भी ओमिक्रॉन-लाइनेज वेरिएंट्स का सामना कर चुका है और यह देखा गया है कि ये वेरिएंट मृत्यु दर और गंभीर बीमारी के जोखिम को बहुत तेजी से नहीं बढ़ाते हैं। इसलिए जब तक कोई नया और गंभीर खतरा सामने नहीं आता, तब तक घबराने या अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता नहीं है। उनकी सलाह है कि सतर्कता बनाए रखें और कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करें। भारत की स्थिर स्थिति और उपलब्ध वैक्सीन क्षमता यह सुनिश्चित करती है कि देश किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयार है।

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