आदिवासी बचाओ मोर्चा का विरोध प्रदर्शन: हेमंत सरकार से शराब नीति वापस लेने की मांग

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आदिवासी बचाओ मोर्चा ने झारखंड सरकार से शराब नीति वापस लेने की मांग की है। मोर्चा का आरोप है कि सरकार की शराब नीति आदिवासी समाज के हितों के खिलाफ है और इससे आदिवासी क्षेत्रों में नशे की समस्या बढ़ेगी।

 

 

 

 

*पुतला दहन कार्यक्रम*

 

आदिवासी बचाओ मोर्चा के तत्वाधान में आज एक पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाया गया। इस कार्यक्रम में आदिवासी सामाजिक संगठनों के वक्ताओं ने कहा कि ट्राइबल एडवाइजरी कमेटी के प्रस्ताव में ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की बिक्री किए जाने का निर्णय आदिवासी विरोधी है और इसका पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए।

 

 

 

 

*आरोप और मांग*

 

आदिवासी बचाओ मोर्चा ने आरोप लगाया कि राज्य में सिंडिकेट शराब बिक्री कर हजारों करोड़ का घोटाला किया जा रहा है और इससे आदिवासी समाज का विकास नहीं हो पाएगा। मोर्चा ने मांग की कि राज्य सरकार अविलंब शराब नीति वापस ले और आदिवासी क्षेत्रों में शराब बंद की जाए।

 

 

 

 

*आंदोलन की चेतावनी*

 

आदिवासी बचाओ मोर्चा ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार शराब नीति वापस नहीं लेती है, तब तक जन आंदोलन जारी रहेगा। मोर्चा ने कहा कि आदिवासी समाज के हितों के लिए सरकार को झुकना होगा और आदिवासी विरोधी नीतियों को वापस लेना होगा।

 

 

 

 

*कार्यक्रम में शामिल हुए लोग*

 

पुतला दहन कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, प्रेम शाही मुंडा, निरंजना हेरेंज, कुंदरसी मुंडा, फूलचंद तिर्की, राहुल तिर्की, बाहा लिंडा, आकाश तिर्की, सुरेंद्र लिंडा, सेलिना लकड़ा, संगीता तिर्की और कई अन्य लोग शामिल हुए।

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