रांची :रांची जिले के चान्हो प्रखंड अंतर्गत हुरहुरी गांव में गुरुवार शाम को एक दुखद घटना घटी, जब तेज बारिश के दौरान वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आकर किसान सुखराम महतो के दो बैलों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना करीब शाम 5:30 बजे की बताई जा रही है, जब सुखराम महतो खेत में हल जोतने के बाद अपने बैलों को खाना खिला रहे थे।

गरीबी में जी रहे किसान के लिए बड़ा झटका
सुखराम महतो एक गरीब और मेहनती किसान हैं, जो पूरी तरह से खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं। बैल उनके मुख्य खेती उपकरण थे और उनके जीवन का सहारा भी। बैलों की मौत से उनका कृषि कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में उनका परिवारिक जीवन संकट में पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने जताई संवेदना, मुआवज़े की मांग
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सुखराम महतो को उचित आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए, ताकि वे फिर से अपनी खेती शुरू कर सकें और परिवार का जीवन सामान्य बना सकें। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा में मवेशियों की मृत्यु होने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा राहत सहायता किसान को अविलंब प्रदान की जानी चाहिए।
मुआवज़ा प्रक्रिया पर उठे सवाल
कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पहले भी इस प्रकार की घटनाओं में मुआवज़े की प्रक्रिया काफी धीमी रही है, जिससे पीड़ित किसान को समय पर राहत नहीं मिल पाती। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह त्वरित सर्वेक्षण कर मुआवज़े की राशि जल्द से जल्द जारी ,





























