झारखंड: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। 10 अगस्त को हुए विधानसभा मार्च के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के छात्र नेताओं ने राज्य सरकार से अपील की है कि विधानसभा मार्च मामलेमें हुई एफआईआर में किसी भी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए।
छात्र नेताओं ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कथित भ्रामक खबरों पर स्थिति स्पष्ट की। सरकार के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए आगे के आंदोलन की रूपरेखा भी बताई। कहा कि 10 अगस्त के विधानसभा मार्च के बाद दर्ज एफआईआर में किसी भी छात्र का नाम शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार से इस संबंध में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।
छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार ने उनकी 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। उनका कहना है कि उनकी मुख्य मांग परीक्षाओं को रद्द करने से संबंधित थी और इस मांग के भी केवल एक सीमित हिस्से पर सहमति बनी है। छात्रों ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगें अभी पूरी तरह नहीं मानी गई हैं।

































