नई दिल्ली : केंद्रीय सरकार द्वारा एक बार फिर से सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम एलआईसी में एक अपनी हिस्सेदारी की है। माना जा रहा है कि, सरकार ने शेयर बिक्री के लिए ऑफर फॉर सेल के जरिए हिस्सेदारी घटाने की मंजूरी दी है और अंतिम फैसला बाजार की स्थिति को देखते हुए विनिवेश विभाग द्वारा किया जाएगा।
2022 के में महीने में सरकार ने एलआईसी का बहू प्रतिशत आईपीओ लॉन्च किया था और उस समय 902 से 949 रुपए तक की प्रति शेयर की दर से 3.5% हिस्सेदारी बेची गई थी जिसमें सरकार को लगभग 21000 करोड रुपए की आमदनी हुई थी।एलआईसी में फिलहाल सरकार के पास 96.5% हिस्सेदारी है।
6.5% हिस्सेदारी और बेचेगी
SEBI के नियमों के अनुसार चले तो सरकार को 16 में 2027 तक लिक में न्यूनतम 10% सार्वजनिक हिस्सेदारी मिलेगी और यह लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को अब भी 6.5% हिस्सेदारी बेचनी होगी। उनका यह कहना है की हिस्सेदारी की मात्रा बिक्री का समय और शेयर मूल जैसे अहम फैसला जल्द से जल्द लेनी होगी जो लाभदायक होगा।
लिक का मार्केट केपीटलाइजेशन लगभग 5.85 लाख करोड़ रुपए है, जो 10 जुलाई को कंपनी के शेयर बीएसई पर 2.01% की गिरावट आई और उसी के साथ 926.85 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ।
लिक में हिस्सेदारी हटाने की प्रक्रिया न सिर्फ सरकार के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने में एक लाभदायक कम है बल्कि इससे राजकोषीय घाटा कम करने में भी मदद मिल सकती है।



























