सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा कैश कांड से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेज दी है। यह रिपोर्ट तीन जजों की कमेटी द्वारा जांच के बाद सौंपी गई थी।
*क्या है मामला?*
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवासीय परिसर के स्टोर रूम से अधजले नोट मिलने की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को मामले की जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके बाद तीन जजों की एक कमेटी का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश को सौंपी।
*CJI की कार्रवाई:*
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा से 48 घंटे के अंदर अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया था। जस्टिस वर्मा का पक्ष मिलने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने अपने पत्र के साथ तीन जजों की रिपोर्ट और जस्टिस वर्मा का जवाब, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
*अब क्या होगा?*
अब देखना यह है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के लिए बहुत ही संवेदनशील है और इसकी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
*न्यायपालिका की स्वतंत्रता:*
यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




























