धनबाद: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कोयला चोरी और छात्रों को छात्रवृति नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि यह बेहद दुःखद है कि झारखंड में छात्र स्कॉलरशिप न मिलने के कारण अपनी फीस भरने के लिए मजबूरी में मजदूरी कर रहे हैं। किसी को बारातों में रोड लाइट ढोनी पड़ रही है, तो कोई शादी समारोहों में खाना परोस कर अपनी पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहा है। जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, वे मेहनत-मजदूरी के बोझ तले दबते जा रहे हैं। आखिर कहां मर गई है सरकार की संवेदना?
धनबाद में कोयला चोरी नहीं है नई बात
धनबाद में कोयला चोरी कोई नई बात नहीं है लेकिन सरकार के संरक्षण में यह लूट अब अपनी चरम सीमा पर है। मैंने लगातार सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे पर आवाज उठाई है कि राज्य के खनिज संसाधनों की खुली लूट हो रही है।
इसी के साथ झारखंड हाईकोर्ट ने हमारी चिंताओं को सही मानते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए, लेकिन सरकार सच सामने आने के डर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। आखिर जांच रुकवाने की इतनी बेचैनी क्यों? मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं आप कितना भी भाग लें, देर-सवेर यह जांच होकर रहेगी और लुटेरों का चेहरा बेनकाब होगा।





























