नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले में सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक सामने आई है। सोमवार, 4 अगस्त को लाल किले में घुसने का प्रयास कर रहे 5 बांग्लादेशी घुसपैठियों को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी 20 से 25 वर्ष की उम्र के हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका लाल किले में घुसने का मकसद क्या था।

इस घटना के समय, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को लेकर लाल किले की सुरक्षा पहले से ही कड़ी की गई थी, बावजूद इसके घुसपैठ की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई
इस घटना के साथ ही एक और बड़ी चूक सामने आई है। शनिवार, 2 अगस्त को स्पेशल सेल की टीम ने लाल किले की सुरक्षा जांच के लिए मॉक ड्रिल की थी। टीम नकली बम के साथ आई थी, जिसे ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी पहचान नहीं पाए। इस गंभीर लापरवाही के चलते सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
पुलिस अधिकारी का बयान:
“हम इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं। किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी, खासकर स्वतंत्रता दिवस जैसे अहम मौके से पहले।” पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है और संदिग्धों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
























