झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि छुट्टियों का मौसम दस्तक दे रहा है और प्रकृति ने आपको झारखंड बुलाने के लिए पहले से ही अपनी तैयारियां कर ली हैं। जहां हरियाली सिर्फ रंग नहीं- एक एहसास है। जहां आदिवासी संस्कृति सिर्फ देखी नहीं, जी जाती है। जहां हर झरना, हर पहाड़ी, हर हवा का झोंका… आपको एक ही बात कहता है: “धीरे चलिए, जीवन आपका इंतजार कर रहा है।
हमने झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं को नए सिरे से संवारा है। ताकि, आपका सफर सिर्फ सुरक्षित ही नहीं, अनुभवों से भरा हो ताकि, छुट्टियां सिर्फ बीतें नहीं, याद बनें। बाबा बैद्यनाथ धाम से लेकर मां रंकिनी, मां देवड़ी, मां छिन्नमस्तिका, मां गढ़देवी से लेकर इटखोरी की आध्यात्मिक शांति।
नेतरहाट की सुकून देती सुबह
नेतरहाट की सुकून देती सुबह, जो सूरज को भी सुनहरे रंग सिखाती है। राजमहल, दलमा की पहाड़ियां, दुमका–साहेबगंज की सांसें लेती घाटियांं। हजारीबाग और पलामू, कोडरमा के पौराणिक जंगल- जहां वे सदियों की कहानियां बताते हैं। रांची, खूंटी और गुमला के झरने और वाटरफॉल, जो शहर के शोर को भी चुप कर देते हैं और आखिर में सारंडा, किरिबुरु की खूबसूरती जो अद्वितीय है, अनुपम है।
ये सब इस छुट्टी सीजन में सिर्फ देखे जाने के लिए नहीं, महसूस किए जाने के लिए आपको बुला रहे हैं। अपने बच्चों के साथ, अपने दोस्तों के साथ, अपने आप के साथ – आइए, झारखंड की असली खूबसूरती से मिलिए। संस्कृति भी, प्रकृति भी, रोमांच भी, शांति भी। एक ही राज्य में, एक ही सफर में।





























