हजारीबाग: हजारीबाग जिले में एनटीपीसी द्वारा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन करने सड़क मार्ग से कोयला परिवहन किए जाने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण की कोलकाता ब्रांच में सुनवाई की गई और यह मामला पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण से जुड़ा था जिसे लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शशिकांत उर्फ मंटू सोनी ने एनजीटी की नई दिल्ली स्थित प्रिंसिपल बेंच में याचिका दाखिल किया। और अब 8 में 2025 को इस मामले को कोलकाता बेंच स्थानांतरित किया गया था।
सनी के दौरान झारखंड सरकार की ओर से अधिवक्ता ऐश्वर्या राजश्री ने बताया है कि पीसीएफ ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है लेकिन पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ हजारीबाग उपयुक्त और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है जिस पर ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि पीसीएफ द्वारा दाखिल उत्तर की प्रति याचिका करता को दी जाए ताकि वह उसकी प्रति उत्तर दाखिल कर सके और काम आगे बढ़े।
आम लोगों और वन्यजीवों पर इसका असर
याचिका करता का आरोप यह है कि एनटीपीसी ने पर्यावरणीय स्वीकृतियों में बदलाव कर भारी वाहनों से सड़क मार्ग से कोयला ट्रांसपोर्ट शुरू कर दिया जिससे वन क्षेत्र काफी प्रभावित हो रहे हैं और भारी वाहनों की आवाजाही शिवन्या जीवन का जीवन भी बाधित हो चुका है और इसके लिए अब तक कोई सड़क हादसों में दर्जनों जाने जा चुके हैंइसके बावजूद जीवन विभाग और संबंधित एजेंटीयों ने कोई कदम नहीं उठाया है और ना ही इसकी कोई करवाई की है।






























