नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में एक गंभीर वैश्विक समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हर 35 सेकंड में एक व्यक्ति अकेलेपन की वजह से अपनी जान गंवा रहा है। यह आंकड़ा ना केवल चौंकाने वाला है, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह भी खड़ा करता है। WHO के अनुसार, अकेलापन अब महामारी का रूप ले चुका है, जिससे मानसिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है। रिसर्च में सामने आया कि लंबे समय तक अकेले रहने वाले लोगों में दिल की बीमारी, अवसाद, स्ट्रोक और आत्महत्या जैसी समस्याओं का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

क्या  कहती है रिपोर्ट?

अकेलापन अब डिप्रेशन, चिंता और आत्महत्या जैसी मानसिक समस्याओं की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है। यह इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है और व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में ला सकता है। बुजुर्ग, युवा और शहरी जीवनशैली जीने वाले लोग इस खतरे के सबसे बड़े शिकार हैं।

Loneliness से कैसे निपटें? जानिए 5 असरदार उपाय:

1. हर दिन किसी से बातचीत करें: एक कॉल, एक मैसेज या आमने-सामने की बातचीत — छोटी बातचीत भी बड़ा बदलाव ला सकती है।

2. फिज़िकल एक्टिविटी को अपनाएं: टहलना, योग, या डांस — कोई भी शारीरिक गतिविधि मूड को बेहतर बनाती है।

3. डिजिटल दुनिया से कुछ समय के लिए दूरी बनाएं: सोशल मीडिया कभी-कभी अकेलेपन को और बढ़ा देता है। रियल लाइफ कनेक्शन को प्राथमिकता दें।

4. किसी हॉबी में खुद को व्यस्त रखें: पेंटिंग, म्यूज़िक, किताबें या बागवानी — मनपसंद गतिविधियाँ अकेलेपन को दूर रखने में मदद करती हैं।

5. ज़रूरत हो तो प्रोफेशनल मदद लें: अकेलेपन को नज़रअंदाज़ न करें। काउंसलर या थेरेपिस्ट से बात करना शर्म की बात नहीं है, बल्कि समझदारी है।

 समाज को भी बदलने की ज़रूरत

WHO का यह भी कहना है कि अकेलेपन से लड़ने की ज़िम्मेदारी सिर्फ व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। हमें ऐसे माहौल बनाने होंगे जहां लोग खुलकर बात कर सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें और बिना जज किए सुने जा सकें।

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