नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शिक्षक नियुक्ति पर सवाल उठाये हैं, जिसमें उन्होंने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कैबिनेट बैठक में 8,900 टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों के पद को सरेंडर करने का निर्णय लिया गया है । यह फैसला तब आया है जब राज्य में शिक्षक के लाखों पद पहले से ही रिक्त हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह निर्णय शिक्षित बेरोजगारों के साथ अन्याय है और प्रदेश के शिक्षा तंत्र को कमजोर करने का प्रयास है । उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला उन हजारों युवाओं की उम्मीदों का अंत है, जो सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से मांग की है कि अविलंब इस निर्णय को वापस ले और जल्द से जल्द खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करे । उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक पदों को खत्म करने का दुष्प्रभाव विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा।





























