झारखंड: झारखंड राज्य के वकीलों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने को लेकर दायर विदेश कुमार धान की जनहित याचिका की सुनवाई सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई। मामले में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार के रेजोल्यूशन (संकल्प) के मद्देनजर अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा का लाभदिया जा रहा है। एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के सदस्य (अधिवक्ताओं) को इसका लाभ मिल रहा है। जिसपर, कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने कहा कि अगर सरकार के इस रेजोल्यूशन का गजट नोटिफिकेशन नहीं हुआ है तो उसे जल्द किया जाए। इस जनहित याचिका में प्रार्थी की जो मांग थी, वह पूरा हो चुकी है इसलिए अब इस जनहित याचिका को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब अंसारी ने पक्ष रखा।
पूर्व की सुनवाई में प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि राज्य सरकार ने ट्रस्टी कमेटी के 15 हजार अधिवक्ताओं के लिए ही स्वास्थ्य बीमा करने का निर्णय लिया है। उनकी ओर से कहा गया कि राज्य में 33 हजार वकील हैं, इन सभी को स्वास्थ्य बीमा का लाभमिलना चाहिए। उन्होंने वकीलों के परिवार को भी स्वास्थ्य स्कीम से जोड़ने का आग्रह किया था।
वहीं, सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के सदस्य (सभी अधिवक्ताओं) को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। सरकार ने राज्य के अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा का लाभ संकल्प जारी किया है।
बता दें कि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के वकीलों के साथ सीधा संवाद किया था। इस दौरान, उन्होंने वकीलों से यह वादा किया था कि वे वकीलों को स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा से जोड़ेंगे। इसके बाद, कैबिनेट की बैठक में सरकार ने निर्णय लिया कि राज्य के लगभग 15 हजार वकील, जो ट्रस्टी कमिटी के सदस्य हैं, उन्हें स्वास्थ्य बीमा से जोड़ा जाएगा।































