पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की बड़ी बैठक

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दिल्ली: दिल्ली में आज सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर नजर रखने के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (IGOM) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्री शामिल हुए।

बैठक में पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। साथ ही, सामाधान तलाशने पर मंथन किया गया।

राजनाथ सिंह ने मीटिंग के संबंध में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के समय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता पर मौजूद जोखिमों की समीक्षा के लिए हमने IGOM की पांचवीं बैठक की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है।

राजनाथ सिंह ने लोगों से अपील की की कि वे शांत रहें और किसी भी तरह की घबराहट से बचें, क्योंकि सरकार आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमी या आनेवाली बाधा को रोकने के लिए ठोस पहल कर रही है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवधानों और चुनौतियों का सामना करने में देश की मदद के लिए जनता की सामूहिक भागीदारी के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी की अपील आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के दौरान संरक्षण और बचत को लेकर प्रधानमंत्री का अहम संदेश है। बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचाने और गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील की है।

रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की स्थिति का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे समय में हर नागरिक को देशहित में जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का कम इस्तेमाल करने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।

कार पूलिंग अपनाएं और छोटी दूरी के लिए निजी गाड़ियों से बचें। इससे ईंधन की बचत होगी और विदेशी तेल पर भारत की निर्भरता भी कम होगी।

 

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