भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के दर्शन किये और विधिवत पूजा-अर्चना की।
पीएम मोदी ने एक विशेष यज्ञ में आहुति देकर कार्यक्रम का समापन किया। इसके बाद, उन्होंने 11 पवित्र स्थानों से लाये गये जल से मंदिर का कुंभाभिषेक किया।
इस क्रम में सूर्य किरण टीम ने एयर शो किया और मंदिर पर पुष्प वर्षा की। बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने यहां सोमनाथ मंदिर की विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।
इस अवसर पर यहां आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सोमनाथ का अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। यह अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है।
75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण अवसर नहीं था। पीएम ने कहा, अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आजादी के समय, सरदार (वल्लभभाई पटेल) साहब ने 500 से अधिक रियासतों को एकजुट किया और एक भारत के आधुनिक स्वरूप को आकार दिया।
इसके साथ ही, सोमनाथ के पुनर्निर्माण के माध्यम से उन्होंने दुनिया को दिखाया कि भारत न केवल स्वतंत्र हो गया है। बल्कि, अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने के मार्ग पर भी चल पड़ा है इसलिए इस अवसर पर, मैं केवल पिछले 75 वर्षों की झलक नहीं देख रहा हूं। यहां, मैं विनाश से सृजन का संकल्प देख रहा हूं, एक ऐसा संकल्प जो वास्तव में सोमनाथ ने किया है।
पीएम ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किये।
हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है। उसकी ये हैसियत कि वह परमाणु परीक्षण करें?





























