झारखंड: भूमि के किराया निर्धारण (रेंट रिसिप्ट) जारी नहीं करने के मामले में दायर याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई। मामले में कोर्ट ने सरायकेला डीसी की ओर से अंडरटेकिंग दिए जाने के बाद भी भूमि का रेंट रसीद प्रार्थी को नहीं देने पर कड़ी नाराज की जताई.
इससे पहले प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें रेंट रसीद देने के बजाय सिविल कोर्ट में उनके टाइटल सूट के खिलाफ सरायकेला डीसी की ओर से सेकंड अपील दाखिल कर दी गई है। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए दोपहर 1:00 बजे मामले की दोबारा सुनवाई निर्धारित करते हुए सरायकेला डीसी को तलब किया। जिसके बाद, दोपहर 1:00 बजे सरायकेला डीसी कोर्ट में वर्चुअल रूप से हाजिर हुए।
उनकी ओर से प्रार्थी को रेंट रसीद देने में असमर्थता जताई गई। उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि टाइटल सूट के खिलाफ सेकंड अपील दाखिल कर दी गई है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और सरायकेला डीसी पर अदालत को गुमराह करने का आदेश पारित करते हुए यूपीएससी एवं गृह मंत्रालय को भेज दिया।
दरअसल, प्रार्थी की एक जमीन आदित्यपुर के गम्हरिया में थी, जिसका लगान रसीद नहीं कट रहा था, उनके भूमि का रेट निर्धारण नहीं हुआ था। सिविल कोर्ट में टाइटल सूट में प्रार्थी के पक्ष में फैसला हुआ था। इसके बाद भी उसके जमीन का रेंट रिसिप्ट इशू नहीं किया गया था। इसके खिलाफ मोतीलाल महतो ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट में हुई।
दरअसल, 8 अप्रैल को मामले में सरायकेला के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुए थे। उस समय सरायकेला डीसी ने अदालत को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और जल्द ही इस पर उचित आदेश पारित किया जाएगा। लेकिन, मामले में सिविल कोर्ट में टाइटल सूट के खिलाफ सेकंड अपील दायर कर दी गई, जिस पर अदालत नाराज हुआ था।

































