झारखंड: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। रांची में राज्य का पहला सिमुलेशन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में एंबुलेंस कर्मियों, आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर और अन्य गहन चिकित्सा इकाइयों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों और पारा मेडिकल कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सरकार के निर्देश पर इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अगर यह योजना सफल होती है तो यह मॉडल देश में चिकित्सा और गैर-चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए एक अनोखा उदाहरण बन सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार, यह केंद्र एक केंद्रीकृत कौशल और सिमुलेशन प्रशिक्षण संस्थान के रूप में काम करेगा। यहां एक समय में करीब 500 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
अभी झारखंड में एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मियों के लिए कोई विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण संस्थान नहीं है। इस वजह से राज्य में इस तरह की दक्षता अन्य विकसित राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और पंजाब की तुलना में कम है।
फिलहाल, नर्सिंग और पारा मेडिकल संस्थानों में केवल सैद्धांतिक पढ़ाई होती है। व्यावहारिक प्रशिक्षण की कमी के कारण कर्मियों को गंभीर मरीजों के इलाज में तुरंत सहयोग करने में कठिनाई होती है। नए सिमुलेशन केंद्र के जरिए आधुनिक तकनीक के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सिमुलेशन प्रशिक्षण में उन्नत पुतलों, एआर और वीआर तकनीक का उपयोग कर वास्तविक जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कराया जाता है। इससे बिना किसी जोखिम के कौशल विकसित होता है और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
राज्य सरकार गहन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने पर खास जोर दे रही है। इसी दिशा में इस केंद्र की स्थापना की योजना बनाई गई है। इससे पहले मरीजों के रेफरल के लिए एसओपी लागू किया गया है। ताकि, मरीज को स्थिर स्थिति में ही दूसरे अस्पताल भेजा जा सके। आईसीयू के संचालन और रखरखाव के लिए भी गाइडलाइन तैयार की गई है।































