SEBI: टेक्नोलॉजिकल नतीजे में आ रही है कमजोरी मार्च 2022 में जब माधवी पूरी भारतीय प्रतिभूति और विनमय बोर्ड (SEBI) की पहली महिला चेयरपर्सन बनी ,तब उन्हें एक तकनीक प्रेमी सुधारवादी के रूप में देखा गया था और उन्होंने वादा भी किया था कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और हाईटेक निगरानी प्रणाली की मदद से बाजार में प्रदर्शित लाई जाएगी एवं निवेशकों को सुरक्षित रखा जाएगा। अब उन्हीं के कार्यकाल में घोटाला हो रही है जिसे उनके वादों पर काफी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जेन स्ट्रीट स्कैम क्या है?
जेन स्ट्रीट नामक एक विदेशी फर्म ने सेबी के जरिए भारतीय शेयर बाजार से करीब 4800 करोड़ का लाभ कमाया और यह घोटाला अचानक नहीं हुआ बल्कि इसके कई संकेत भी मिले थे। सबसे पहले अलार्म के रूप में तब बजा जब अमेरिका के कोर्ट में या खुलासा हुआ किया फॉर्म भारत से हर साल 8000 करोड़ का मुनाफा कमाता है और फरवरी 2025 में नेशनल स्टॉक एजेंसी ने सेबी को इसकी जानकारी दी लेकिन इसपर कोई कदम नहीं उठाया गया।
हाईटेक सिस्टम भी फेल
माधवी बुच यानी की सेबी की पहली महिला चेयरपर्सन ने जिस AI सिस्टम की बात की थी वह इस मामले में पूरी तरह फेल दिखा।
नए चेयर पर्सन
तुहीन कांत पांडे यानी की सेवई के नए चेयरपर्सन जब जेंट्स स्ट्रोक के खिलाफ सख्त कार्रवाई उठाएं तब इस फोन के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए और 4843 करोड़ जप्त करने का आदेश दिया।

























