सऊदी अरब के मक्का में एक 50 साल पुराना विवाद फिर से चर्चा में है, जिसमें एक भारतीय संपत्ति शामिल है। केई रुबात गेस्ट हाउस, जिसे 1870 के दशक में मयंकुट्टी केई नाम के एक अमीर भारतीय कारोबारी ने बनवाया था, मक्का के एक पुराने और शांत कोने में स्थित था। यह गेस्ट हाउस इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मस्जिद अल-हरम के पास था।
मयंकुट्टी केई केरल के रहने वाले थे और उनका कारोबार मुंबई से लेकर पेरिस तक फैला हुआ था। लेकिन साल 1971 में मक्का के विस्तार के दौरान इस गेस्ट हाउस को ढहा दिया गया था। सऊदी प्रशासन ने हर्जाने के तौर पर 14 लाख रियाल सरकारी खजाने में जमा कर दिए थे।
अब यह विवाद फिर से चर्चा में है, क्योंकि भारतीय समुदाय इस संपत्ति के बारे में अपनी बात रख रहा है। केई रुबात गेस्ट हाउस का महत्व न केवल इसकी ऐतिहासिक विरासत में है, बल्कि यह भारतीय और सऊदी अरब के बीच के सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाता है।
*विवाद के मुख्य बिंदु:*
– *संपत्ति का इतिहास*: केई रुबात गेस्ट हाउस का निर्माण 1870 के दशक में मयंकुट्टी केई ने करवाया था।
– *मक्का के विस्तार में ध्वस्त*: 1971 में मक्का के विस्तार के दौरान इस गेस्ट हाउस को ढहा दिया गया था।
– *हर्जाने की राशि*: सऊदी प्रशासन ने हर्जाने के तौर पर 14 लाख रियाल सरकारी खजाने में जमा कर दिए थे।
– *भारतीय समुदाय की मांग*: अब भारतीय समुदाय इस संपत्ति के बारे में अपनी बात रख रहा है और इसके महत्व को फिर से उजागर करना चाहता है।





























