भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट में 0.50% की कटौती की घोषणा की है। अब रेपो रेट 5.5% हो गया है, जो पहले 6% था।
*रेपो रेट में कटौती का फायदा*
RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य कर्जों की EMI कम होने की उम्मीद है। इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। RBI और अन्य बैंकों को उम्मीद है कि इससे बाजार में मांग और घरेलू विकास को बढ़ावा मिलेगा।
*आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम*
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में महंगाई का स्तर 4% से नीचे है और GDP ग्रोथ बेहतर बनी हुई है। इससे RBI ने मौद्रिक नीति को और उदार बनाने का निर्णय लिया है।
*GDP और महंगाई का अनुमान*
RBI ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.5% और रिटेल महंगाई के अनुमान को 3.7% पर बनाए रखा है। इससे पता चलता है कि RBI को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था में विकास की गति बनी रहेगी।
*बैंकों पर प्रभाव*
रेपो रेट में कटौती से बैंकों की पूंजी लागत घटेगी और वे अपने ग्राहकों को सस्ते लोन प्रदान करेंगे। इससे लोन की EMI कम होगी और आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।



























