पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए आईबी अधिकारी मनीष रंजन का पार्थिव शरीर आज सुबह रांची एयरपोर्ट पहुंचा। उनके पार्थिव शरीर को लेने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी और स्थानीय लोग एयरपोर्ट पर मौजूद थे। एयरपोर्ट से उनके पार्थिव शरीर को परिजन झालदा (पश्चिम बंगाल) ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों ने केंद्र सरकार से आतंकवादियों के खिलाफ ठोस और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मनीष रंजन की पत्नी जया मिश्रा और उनके बच्चे इस दुख की घड़ी में अपने परिवार और दोस्तों के साथ खड़े हैं। मनीष रंजन हैदराबाद में आईबी के सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात थे और अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। मंगलवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में उनकी जान चली गई।
मनीष रंजन के परिवार ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। परिवार के सदस्यों ने कहा कि मनीष रंजन एक जिम्मेदार अधिकारी थे और उन्होंने हमेशा देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।
पहलगाम आतंकी हमले में मनीष रंजन की मौत के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। उनके शहीद होने की खबर सुनकर उनके सहयोगी और दोस्त गहरे सदमे में हैं। मनीष रंजन की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
इस दुख की घड़ी में मनीष रंजन के परिवार के साथ खड़े होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। उनके अंतिम संस्कार में भी भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। मनीष रंजन की शहादत को देश कभी नहीं भूलेगा और उनकी याद में हमेशा देश के लिए उनकी सेवा और समर्पण को याद रखा जाएगा।





























