गुजरात पुलिस ने हाल ही में एक बड़े अभियान के तहत अहमदाबाद और सूरत में 1000 से अधिक अवैध बांग्लादेशी आप्रवासियों को हिरासत में लिया है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद की गई है, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से तीन गुजरात से थे।
*गुजरात पुलिस की कार्रवाई*
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि अहमदाबाद में 890 और सूरत में 134 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों के निर्वासन के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने गुजरात आने से पहले भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने के लिए पश्चिम बंगाल में नकली दस्तावेज बनवाए थे।
*आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई*
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अवैध आप्रवासन पर रोक लगाना और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि होने पर कि वे बांग्लादेशी हैं, केंद्र सरकार और बीएसएफ के साथ समन्वय कर उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
*गृह मंत्री की चेतावनी*
गृह मंत्री ने अवैध आप्रवासियों को आगाह किया है कि वे खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करें, नहीं तो उन्हें पकड़कर निर्वासित कर दिया जाएगा। उन्होंने अवैध आप्रवासियों को शरण देने वालों को भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।



























