बिहार: बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चा रही है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के रिश्ते बहुत सहज नहीं रहे। खासकर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब कन्हैया ने CPI के टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ा था, तब तेजस्वी यादव ने उन्हें खुलकर समर्थन नहीं दिया था। माना गया कि उस वक्त राजद ने कन्हैया की जगह अपने उम्मीदवार तनवीर हसन को तरजीह दी थी।
2024 में भी नहीं मिला टिकट
2024 के आम चुनाव में भी राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा रही कि तेजस्वी यादव की नाराजगी के चलते कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को बिहार से लोकसभा टिकट नहीं दिया। इसकी वजह से कन्हैया दिल्ली की सियासत तक ही सीमित रह गए।
अब सुर बदले, रिश्तों में आई नरमी
हालांकि अब, बिहार विधानसभा चुनावों से पहले कन्हैया कुमार के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में तेजस्वी यादव की राजनीतिक समझ और नेतृत्व की सराहना की है। यह बदला रुख इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बिहार में विपक्षी दलों के बीच पुराने मतभेद मिटाकर एकजुटता की कोशिश हो रही है।

























