ईरान अमेरिका: ईरान और अमेरिका के रिश्तों में एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजराइल के साथ 12 दिन चले संघर्ष के बाद ‘विक्ट्री स्पीच’ में युद्ध को अमेरिका के चेहरे पर तमाचा बताया। इस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी और खामेनेई को “बदसूरत और अपमानजनक मौत से बचाया गया व्यक्ति” कहा।
ईरान ने दिया करारा जवाब
ट्रंप के बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि ईरानी संस्कृति में धैर्य जरूर है, लेकिन अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप वाकई समझौता चाहते हैं, तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता और जनता का सम्मान करना होगा।

तनावपूर्ण हालात में बढ़ा तनाव
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को नष्ट किया गया और उन्होंने इजराइल को अंतिम हमला रोकने को कहा। इन बयानों के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।



























