झारखंड: विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सोमवार को मुख्य पहान जलाल पहान की अगुवाई में राज्य भवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और उसमें यह स्पष्ट किया कि सूर्य नारायण हांसदा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर और यह आरोप लगाया कि 10 अगस्त को गोड्डा जिला पुलिस प्रशासन ने फर्जी मुठभेड़ में हत्या की है।
आदिवासी संगठनों द्वारा ज्ञापन सौंपने के दौरान ट्राइब फर्स्ट की संयोजक आरती कुजूर ने यह कहा कि सूर्य नारायण हांसदा हमेशा आदिवासी समाज की आवाज उठाते थे और शिक्षा, भूमि सुरक्षा और युवाओं के भविष्य की लड़ाई लड़ते थे लेकिन उनके संघर्ष और जनसमर्थन से घबराकर प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें मौत के घाट पहुंचा दिया। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि यह घटना मानव अधिकार हनन और लोकतंत्र पर सीधा हमला का रूप है।
रखे गए पांच मांगे:
आदिवासी संगठनों ने राजपाल से पांच प्रमुख मांगे रखी जिसमें,
1. हत्या की सीबीआई या त्यागी जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में करानी चाहिए।
2. दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए उनके ऊपर।
3. मृतक के परिवार को सुरक्षा देना और फर्जी मुकदमे वापस लेने का मांग किया।
4. परिवार और विद्यालय के बच्चों की शिक्षा जीविका की जिम्मेदारी सरकार को उठाने का मांग।
5. परिजनों को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा देने का मांग।
कार्यक्रम में संगठन के लोग शामिल
इस कार्यक्रम के मौके पर जगलाल पहान, बबलू मुंडा, आरती कुजूर, संदीप उरांव, रवि मुंडा, रितेश उरांव, बिरसा पहान, रंजीत उरांव, सत्यदेव मुंडा, सोनी हेंब्रम और मुकेश भगत समेत कई लोग शामिल रहे।






























