झारखंड: झारखंड सरकार ने खनिज धारित भूमि पर सेस की दर बढ़ा दी है। इसके पीछे की वजह राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक राजस्व जुटाया जाना है। इससे राज्य सरकार को छह से सात हजार करोड़ रुपए राजस्व की भी प्राप्ति होगी।
जाने सेस दर बढ़ाने की क्या है वजह
- महंगाई बढ़ी: सड़क निर्माण, पर्यावरण प्रबंधन और अन्य खर्चों में 40-60% की बढ़ोतरी हुई है।
- कोविड-19 का असर: औद्योगिक गतिविधियों और वित्तीय नियोजन में बदलाव आया है, जिससे लागत बढ़ी है।
- न्यायालय के आदेश: पर्यावरणीय सुरक्षा और पुनर्वास के लिए खनन कंपनियों पर अतिरिक्त वित्तीय उत्तरदायित्व आया है।
- राज्य का पिछड़ापन: झारखंड में गरीबी, कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर अधिक है, इसलिए विकास के लिए राजस्व जरूरी है।
आखिर सेस बढ़ाने का क्या है उद्देश्य
- राजस्व जुटाना: शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, रोजगार और आदिवासी कल्याण पर निवेश करना।
- पर्यावरण संरक्षण: खनन प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और बुनियादी ढांचे का विकास।
- सामाजिक विकास: मानव विकास सूचकांकों में सुधार लाना।
































