प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में गंगा और यमुना दोनों प्रमुख नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ते हुए अब खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। वर्ष 2013 के बाद पहली बार प्रयागराज में इतनी गंभीर बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक करीब 5 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।

कहां-कहां मची तबाही

प्रयागराज शहर की 61 बस्तियां और आस-पास के 275 गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई इलाकों में घरों में पानी भर गया है, जिससे लोग छतों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और मवेशी भी डूबने लगे हैं। सड़कों पर नावें चल रही हैं और ज़मीन से संपर्क टूटता जा रहा है।

प्रशासन मुस्तैद, राहत कार्य जारी

जिला प्रशासन और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। नावों और मोटरबोट्स की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। हालांकि, संसाधनों की भारी कमी और पानी का दबाव राहत कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

 जलस्तर में और वृद्धि की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला अतिरिक्त पानी गंगा और यमुना के जलस्तर को और ऊपर पहुंचा सकता है। इससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो शहर के कई और इलाके जलमग्न हो सकते हैं।

 यातायात एवं सेवाओं पर असर

बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। स्कूल-कॉलेज, बाजार और सरकारी कार्यालयों में आंशिक या पूर्ण रूप से कामकाज बंद है। कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हो चुकी है। बीमार और वृद्ध लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।

 प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही उच्चस्तरीय टीम को मौके पर भेजा जाएगा।स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। गंगा और यमुना का रौद्र रूप लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन इस आपदा से पूरी तरह उबरने में समय लग सकता है।

 

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