पाकुड़: पाकुड़ के अमरपारा प्रखंड के पिता ने दो किलोमीटर तक घाट पर लेकर अपने बेटे को अस्पताल पहुंचाया। झारखंड के पाकुड़ जिले में विकास की असल तस्वीर अभी तक सामने नहीं आ पा रही है और इस बीच अमरपारा प्रखंड के डूमचीर पंचायत स्थित बराबर को पहाड़ गांव में रहने वाले पिता ने अपने बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए खत का सहारा लिया और इलाज की प्रक्रिया चालू करवाई।
पिता का प्यार
गांव के निवासी कमला पहाड़िया के बेटे बहना पहाड़िया का अचानक तबीयत काफी गंभीर हो गया जिसे देखते हुए गांव से मुख्य सड़क तक जाने के लिए कोई भी पक्की या कच्ची सड़क नहीं देखी। इसी के साथ ऐसे हालत में पिता ने अपने बेटे को खत का सहारा लेकर अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
इस हालत को उनके पिता बिल्कुल भी देख नहीं पाए और इस पर उन्होंने परिजनों और पड़ोसियों से मदद मांगी जिसको देखते हुए सभी ने मिलकर खाट का व्यवस्था किया और भावना को उसमें लिटाकर लगभग 2 किलोमीटर तक पैदल लेकर गए और किसी भी तरह अस्पताल पहुंचा दिए।
यह यह घटना को देखते हुए यह पता चला कि सड़क पिछले 77 साल से आज तक नहीं बनाई गई और प्रशासन ने इस पर कोई कदम भी नहीं उठाया। इसी के साथ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संपर्क पत्र निर्माण की माग की लेकिन इसके लिए सिर्फ आश्वासन ही मिला और कोई काम नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों की उम्मीद यही है कि सरकार और प्रशासन इस बात पर पूर्ण ध्यान दें और इस कार्य को पूरा करवा जिससे ग्रामीणों में आ रही परेशानियां दूर हो सके।






























