बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी के साथ गणतंत्र उत्सव का भव्य समापन

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    नई दिल्ली: दिल्ली के विजय चौक पर आज गुरुवार 29 जनवरी की शाम बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का शुभारंभहुआ। इस कार्यक्रम के साथ गणतंत्र दिवस का चार दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों का समापन हो जायेगा।

    बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ आम जनता शामिल हुई।

    समारोह की शुरुआत में सेना ने राष्ट्रपति को नेशनल सैल्यूट दिया। इसके बाद, तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान की धुन बजाई गयी तीनों सेनाओं के बैंड ने सेरेमनी की शुरुआत धुन ‘कदम-कदम बढ़ाये जा’… बजाकर की। आज विजय चौक के पास स्थित सभी प्रमुख भवनों को रंग-बिरंगी लाइटिंग से सुसज्जित किया गया है।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बीटिंग द रिट्रीट ऐतिहासिक सैन्य परंपरा है। यह राष्ट्रीय गौरव और सैन्य विरासत का प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों के अनुशासन, एकता और स्थायी मूल्यों को दर्शाता है। यह देश के लिए गौरव का क्षण है।

    बता दें कि, एक दिन पूर्व गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए बेस्ट मार्चिग टुकड़ी और बेस्ट झांकी के रिजल्ट की घोषणा की गयी। जानकारी दी गई कि, तीनों सेनाओं में इंडियन नेवी को बेस्ट मार्निंग टुकड़ी चुना गया। दिल्ली पुलिस सेंट्रल आर्ड पुलिस फोर्स और सहायक बलों की कैटेगरी में पहले स्थ पर रही।

    बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के बारे में बता दें कि यह परंपरा 300 साल से भी ज्यादा पुरानी है। राजा महाराजाओं के समय चली आ रही है। जब सूर्यास्त के बाद युद्ध बंद होने का ऐलान किया जाता था। बिगुल बजाते ही सैनिक युद्ध बंद कर पीछे हट जाते थे।

    अहम बात यह है कि, भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होती है। भारत में इसे 1950 के दशक में शुरू किया गया था।

     

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