भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) की बैठक 9 अप्रैल को समाप्त हुई। इस बैठक में आरबीआई के नये गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ब्याज दर में 0.25 फीसदी कटौती की है, जिसके बाद रेपो रेट 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी हो गयी है।
इस कटौती से देश के करोड़ों होम और कार लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। आरबीआई के इस फैसले से होम और कार लोन की ईएमआई में कमी आयेगी। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर के रिटेल लोन की कॉस्ट में कमी आयेगी।
आरबीआई ने स्टैंडिंग फैसिलिटी डिपॉजिट (एसटीएप) 5.75 फीसदी, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमसीएफ) और बैंक रेट को 6.25 फीसदी कर दिया है। इससे पहले फरवरी में भी संजय मल्होत्रा ने ब्याज दर में 0.25 फीसदी कटौती की थी, जो करीब 56 महीनों यानी मई 2020 के बाद की गयी थी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान घटाया गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया है, जो पहले 6.70 फीसदी था।
आरबीआई ने महंगाई के अनुमान में भी बदलाव किये हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौजूदा वित्त वर्ष 2026 में महंगाई 4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जो पहले इससे ज्यादा था।























