नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। राज्य में 20 जून से 15 जुलाई के बीच हुई भारी वर्षा ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 106 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।


बरसात ने ली 106 जानें, सड़क हादसों में भी मौतें

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार,62 मौतें बारिश से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, बादल फटना, डूबना, बिजली गिरना और अचानक आई बाढ़ से हुई हैं। वहीं 44 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है।

इन आपदाओं में:

  • बादल फटने की 15 घटनाएं,
  • पेड़ या चट्टान से गिरकर 12 मौतें,
  • डूबने से 11,
  • अचानक बाढ़ से 8,
  • बिजली गिरने व सांप के काटने से 5-5,
  • और भूस्खलन व आग लगने से 1-1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है।
  • जिलावार यदि देखें तो मंडी (4), कुल्लू (7) और किन्नौर (5) जिलों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक रही।

हजारों मकान और दुकानों को नुकसान

बारिश और भूस्खलन से जनजीवन ही नहीं, इमारतें और व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं:

  • 384 मकान पूरी तरह ध्वस्त,
  • 666 मकानों को आंशिक नुकसान,
  • 244 दुकानों और
  • 850 पशुशालाओं को भारी क्षति पहुंची है।

इन सबके साथ लोगों को रहने, खाने और पशुओं के लिए जगह की कमी हो गई है। 199 सड़कें यातायात के लिए बंद, सबसे ज्यादा मंडी प्रभावित राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़कों के टूटने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।

वर्तमान में:

  • 199 सड़कें बंद हैं,
  • जिनमें से अकेले मंडी जिले में 141 सड़कें बंद पड़ी हैं।
  • कुल्लू (35), कांगड़ा (10), सिरमौर (8), ऊना (3), चंबा (2) सड़कें भी अवरुद्ध हैं।

हिमाचल सरकार इन्हें खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।

पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित, 171 योजनाएं बंद

बारिश ने सिर्फ सड़कें नहीं, बल्कि पेयजल आपूर्ति को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
प्रदेश की 171 पेयजल योजनाएं फिलहाल बंद हैं:

  • मंडी में 142
  • कांगड़ा में 18
  • सिरमौर में 11 पेयजल परियोजनाएं ठप हो गई हैं।

इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है।

आगे भी राहत नहीं, मौसम विभाग का यलो अलर्ट

  • मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 21 जुलाई तक प्रदेश में वर्षा से राहत नहीं मिलने वाली है।
  • 16 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी वर्षा और आंधी के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
  • बरसात के कारण प्रदेश में तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
  • हालांकि ऊना और धौलाकुआं में सबसे अधिक 32.5°C तापमान दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री की केंद्र से मदद की मांग

राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि राज्य में अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं से राज्य को अब तक करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्र से आर्थिक सहायता और राहत सामग्री की अपील की।

 जन-जीवन को चाहिए राहत और मदद

हिमाचल प्रदेश इस समय प्राकृतिक आपदा के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है।
सरकार, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन इस स्थिति में केंद्र और अन्य राज्यों का सहयोग बेहद जरूरी है।
लोगों से भी अपील है कि वे सावधानी बरतें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन कर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here